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  • क्या आ चुका है चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में पारदर्शिता लाने का वक्त
  • November 19, 2017
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    चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई.कुरैशी ने चुनाव आयोग के लिए कोलेजियम प्रणाली शुरू करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि आयोग की तटस्थता बरकरार रखने के लिए ये पद्धति ज़रूरी है।।

    वर्ष 2010 से 2012 के बीच चुनाव आयोग के प्रमुख रहे कुरैशी ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में राजनीतिक नियोक्ता की छाप होती है। अब वक्त आ गया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त समेत सभी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक कोलेजियम प्रणाली के तहत की जाए। ताकि इसमें सरकार का दखल न हो।

    कुरैशी ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में चुनाव आयोग बहुत अच्छा काम कर रहा है। लेकिन मुझे एक बात से दुख होता है। कोलेजियम प्रणाली के तहत हमारे यहां चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति नहीं होती।

    एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि विश्व भर में चुनाव आयुक्तों का निर्वाचन और भारत में अन्य निकायों जैसे केंद्रीय सतर्कता आयोग और केंद्रीय सूचना आयोग का संचालन एक कोलेजियम पद्धति के तहत होता है जिसमें सरकार और विपक्षी नेता मिलकर चयन करते हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश चुनाव आयोग आज भी इस व्यवस्था से वंचित है। 

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