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  • सरकार ने गरीबों और मजदूरों के लिए किया 1.70 लाख करोड़ का पैकेज,
  • March 26, 2020
  •   केंद्र सरकार का कोरोना के माली कहर से परेशान गरीबों और मजदूरों के लिए बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान 

    और आखिरकार केंद्र सरकार ने कोरोना के माली कहर से परेशान निम्न वर्ग, मजदूरों और गरीबों के लिए एक बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान कर दिया है.

     सरकार के इस ऐलान से गरीब वर्ग, मजदूर वर्ग, महिला वर्ग के अलावा दिव्यांग, विधवा और बुजुर्ग वर्ग को फायदा मिलने की उम्मीद है. लेकिन देखना ये होगा कि सरकार की ये उम्मीद कितनी पूरी होती हैं.

    केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से वंचित लोगों के लिए बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान तो कर दिया है लेकिन ये पैकेज असली माली मदद के बजाय सियासी ज्यादा नज़र आ रहा है. केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए जारी विभिन्न योजनाओं के फंड को कोरोना के इस्तेमाल के लिए निर्देश दिए हैं. मसलन केंद्र सरकार का कहना है कि कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के वेलफेयर फंड में 31 हज़ार करोड़ रुपए हैं, जिसके तहत करीब साढ़े तीन करोड़ मजदूर लाभार्थी हैं. केंद्र ने राज्यों को कहा है कि वो आपात स्थिति में मजदूरों और गरीब वर्ग के लिए इस धन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा पीएफ स्कीम रेगुलेशन में बदलाव कर नॉन रिफंडेबल एडवांस 75 फीसदी रकम या तीन महीने की तनख्वाह दिए जाने का प्रवाधान किया गया है. ये सुविधा इन कंपनियों के लिए हैं जिनमें सौ से कम कर्मचारी हैं और उनके 90 फीसदी वर्कर पंद्रह हज़ार से कम वेतन पाने वाले हैं. सरकार मान रही है कि इससे चार लाख कंपनियों के अस्सी लाख वर्कर्स को फायदा पहुंचेगा. ये अलग बात है कि लॉकडॉउन के दौरान इश योजना का लाभ मिलना असंभव है. इसके अलावा एक अन्य अहम ऐलान में से एक है महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और दीनदयाल राष्ट्रीय ग्रामीण जीविका योजना के तहत दिए जाने वाले बगैर गारंटी वाले कर्ज राशि को दोगुना किया जाएगा यानि करीब 63 लाख लोगों को करीब बीस लाख तक का लोन मिल सकेगा. जाहिर है कि आर्थिक रूप से धराशायी हो चुके ज्यादातर बैंकों से इस योजना म के तहत कर्ज लेना आसान नहीं होगा. चौथे ऐलान के मुताबिक उज्वल्ला योजना के तहत 8 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक फ्री सिलेंडर दिया जाएगा. यहां लाभ वो ही उठा पाएंगे जो चूल्हे औऱ कनेक्शन के दाम पहले सिलेंडर भरवा कर अदा कर चुके हैं. क्योंकि सच्चाई यही है कि कनेक्शन मुफ्त ना हो कर सिलेंडर भरवाने पर किश्तों में अदायगी ले ली जाती है.

     लेकिन जनधन खाते में देश की 20 करोड़ महिलाओं को तीन महीने तक दिए जाने वाले  500 रुपए प्रति माह एक बड़ी मदद है. लेकिन यहां देखना होगा कि बैंकिंग व्यवस्था तमाम मदों में कटौती के बाद इन महिलाओं को कितना पैसा निकालने देती है. एक औऱ अहम घोषणा में मनरेगा के तहते आने वाले मजदूरों की दिहाड़ी 182 रपए से बढ़ा कर 202 रुपए कर दी गई है. लेकिन ये भी लॉक डॉउन के बाद ही अमल में आ पाएगा. दूसरी बात ये है कि केंद्र ने कई राज्यों को मनरेगा की राशि का भुगतान नहीं किया है ,ऐसे में मनरेगा सूख गई है. जाहिर है कि मजदूरों के लिए इस ऐलान का फायदा उठाना कितना मुश्किल होगा

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